Friday, April 20, 2012

झीना हिकाका का अपहरण पूंजीवादी राज्य और आदिवासियों के संघर्ष को रेखांकित करता है.


झीना हिकाका, जो बीजू जनता दल के विधायक है, उनका चासी मुलिया आदिवासी संघ(उड़ीसा) ने  २४ मार्च को अपहरण कर लिया, और अब भी वो इस संघ के कब्जे में है. उड़ीसा सरकार अभी भी संघ के साथ ‘निगोशिएशन’ करने में लगी हुयी है वहीँ केंद्र में कांग्रेस इस मुद्दे पर चैन से बांसुरी बजा रही है, झीना हिकाका का अपहरण पूंजीवादी राज्य और आदिवासियों के संघर्ष को रेखांकित करता है. बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ वेदांता, पोस्को इत्यादि राज्य के साथ MoU (Memorandum of Understanding) करके नियमगिरि और एरासमा (जगतसिंहपुर) पर आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन को हड़प कर अपना प्लांट लगाने की कोशिश कर रही है, इसमें राज्य की सभी एजेंसिया इन MNCs की सहोदर या गोतियाँ के मानिंद मदद कर रही है, इन मूलनिवासियों को गांवों के भीतर कैद कर दिया है, बच्चों के स्कूलों पर विशेष सुरक्षा बलों  का कब्ज़ा  हो गया है, उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है.आज वहां के बच्चे  इन MNCs  के जबरिया  कब्जे  के खिलाफ  लड़ाई  का नेतृत्व कर है.  इधर सुप्रीम कोर्ट पर एक रिटायर फौजी ने याचिका दायर कर दी कि राज्य द्वारा अपराधी करार दिए गए आदिवासियों को कैसे छोड़ा जा सकता है, अपने प्रधानमंत्री भी कह रहे है कि उग्रवाद और आतंकवाद  देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है, लेकिन MNCs पर  माननीय प्रधानमंत्री  को बड़ा प्यार आ रहा है. अपने ही देश के मूलनिवासी मारे जा रहे है, उनके मानव-अधिकारों का हनन हो रहा है, जल-जंगल-जमीन को आदिवासियों के पुनर्वास  की  निश्चित गारंटी के बिना  जबरदस्ती हडप रहे है, आज देश भर में आदिवासियों की संख्या 8 करोड़ से अधिक है, लेकिन वे अपने ही देश, अपने ही घर में गुलाम बना दिए गए है. अंग्रेजी उपनिवेशवाद  के समय  white-man’s burden के बारे में सुना था, वो आये और चले  गए, लेकिन अपनी उपनिवेशवादी  विरासत को छोड़ गए, आज  देश  के आदिवासियों   पर  coloured-man's burden है . कलर्ड-मेन की सम्पन्नता अपने ही देश के सीधे-साधे, निरीह आदिवासियों के अंतहीन शोषण के ऊपर टिकी है. हो  सकता है कि झीना हिकाका को राज्य निगोशिएशन करके छुड़ा लें, तत्पश्चात आदिवासियों को उग्रवाद  के आड़ में तितर-बितर कर दें. ये समस्या का समाधान नहीं होगा, राज्य को आदिवासियों के हक़ और हितों का ध्यान रखना होगा, नहीं तो ये संघर्ष अनवरत जारी रहेगा.